विंशोत्तरी दशा · Vimshottari Dasha
विंशोत्तरी दशा कैलकुलेटर — महादशा से प्राण दशा तक
देखिए अभी किस ग्रह की दशा चल रही है और आगे क्या है: महादशा, अंतर्दशा, प्रत्यंतर, सूक्ष्म और प्राण दशा सटीक तारीख़ों के साथ, जन्म के समय चंद्रमा के नक्षत्र से।
आपको क्या मिलता है
- ✓आपकी पूरी 120 साल की विंशोत्तरी दशा
- ✓पाँच स्तर: महादशा, अंतर्दशा, प्रत्यंतर, सूक्ष्म और प्राण
- ✓आज की चल रही दशाएँ चिह्नित, समाप्ति तिथि के साथ
- ✓जन्म के समय पहली दशा का शेष भाग
- ✓हर दशा स्वामी की आपकी कुंडली में स्थिति और बल
विंशोत्तरी कैसे काम करती है
विंशोत्तरी 120 वर्षों को नौ ग्रहों में तय क्रम से बाँटती है: केतु 7 वर्ष, शुक्र 20, सूर्य 6, चंद्र 10, मंगल 7, राहु 18, गुरु 16, शनि 19 और बुध 17। पहली दशा उस नक्षत्र के स्वामी की होती है जिसमें जन्म के समय चंद्रमा था, और चंद्रमा उस नक्षत्र में कितना आगे था, उससे पहली दशा का शेष भाग तय होता है।
दशा के भीतर दशा
हर महादशा उसी क्रम और अनुपात में नौ अंतर्दशाओं में बँटती है, हर अंतर्दशा नौ प्रत्यंतर दशाओं में, और आगे भी। ज्योतिषी घटनाएँ मुख्य रूप से चल रही महादशा और अंतर्दशा के स्वामियों और कुंडली में उनकी स्थिति से देखते हैं।
जन्म समय क्यों ज़रूरी है
चंद्रमा एक दिन में लगभग 13° चलता है, इसलिए जन्म समय में छोटी सी गलती से दशा की तारीख़ें हफ़्तों या महीनों खिसक जाती हैं। जितना सटीक समय हो, वही डालें।
सवाल-जवाब
- अभी मेरी कौन सी दशा चल रही है?
- अपनी कुंडली बनाइए — चल रही महादशा, अंतर्दशा और छोटी दशाएँ सबसे ऊपर दिखती हैं, उनकी समाप्ति तिथि के साथ।
- दशाओं का क्रम क्या है?
- केतु, शुक्र, सूर्य, चंद्र, मंगल, राहु, गुरु, शनि, बुध — फिर दोबारा। आरंभ आपके जन्म नक्षत्र पर निर्भर करता है।
- क्या दशा हिन्दी में देख सकते हैं?
- हाँ — भाषा हिन्दी करें, सभी ग्रहों के नाम और तारीख़ें हिन्दी में दिखती हैं।
ज्योतिष मार्गदर्शन और चिंतन के लिए है — अस्वीकरण।